ईमान का बटुआ
लो भैया ईमान का बटुआ,खाली-गन्दा, पर, काम का बटुआ
तेरा हो तो सोने जैसा, उसका हो तो खोटी चवन्नी...
काम लगे तो गिरवी रखना, दाम लगे, मुहमांगी कीमत...
सोना-चांदी सदियों पहले, गाँधी का अब नाम है बटुआ...
लो भैया ईमान का बटुआ,खाली-गन्दा, पर, काम का बटुआ
पन्हेरी के पान का चुना, टपके मुह से मिसरी मीठी...
अनमोल बड़ा इंसान का चुना, छन-छन उबले पानी जैसा,
घुट गई बोली, गूंगी चीखे, चमड़े का ही दाम है बटुआ...
लो भैया ईमान का बटुआ,खाली-गन्दा, पर, काम का बटुआ
जूता चमके, फूटी एड़ी, देसी बढ़िया टोपी, उजली धोती...
बाबा के कमरे से अपने, खोज-खोज के भरना झोली...
गुल्लक फोड के इसमें ठुसो, बहुत बड़ा आराम है बटुआ...
लो भैया ईमान का बटुआ,खाली-गन्दा, पर, काम का बटुआ