फूंकमार चूरन
आशुतोष तिवारी
फूंकमार
चूरन... फूंकमार चूरन... फूंकमार चूरन...
आज
का हाईलाइट है, दिल्ली का मौसम टाइट है!
अन्ना
चार्टेड प्लेन से आये है, नवरात्रि का ऑफर लाये हैं,
कजरी
के साथ डिबिया फ्री, कजरी के साथ डिबिया फ्री!!!
हम
सब के गुरु है, फिर से शुरू हैं,
बहुत
बड़े दुखिया हैं, बेरोजगारों के मुखिया है,
बाकी
को कोई जानता नहीं, और इनको कोइ मानता नहीं!
गजब
की सरकार है, बच्चा से बुड्डा तक बेरोजगार है,
पेंशन
हम देते नहीं, टेंशन हम लेते नहीं!
जो
मिल जाता है, फ़रिया लेते हैं, नहीं मिलने वालों को गरिया देते है!
फूंकमार
चूरन... फूंकमार चूरन... फूंकमार चूरन
राजनीति
में सक्सेसफुल बहाली की गारंटी है, घर में साली और आंटी है!
साली
को घरवाली बनाना चाहता हूँ, आंटी को घर से निकालना चाहता हूँ!
लेकिन,
दोनों मिल कर बीबी के कान भरती है, तीनो सुबह शाम धुनती है!
पप्पू-नितीश
सी हालत है, जिधर जाओ आफत है!
पेपर
पर पूरा राज्य, हंड्रेड परसेंट ड्राई है!
रात
में, दारू की दुल्हन, चिकन फ्राई है!
फूंकमार
चूरन... फूंकमार चूरन... फूंकमार चूरन
बुड्ढो
ने घसीटा है, रोड पर पीटा है
दांत
दो गायब है, दुनिया अजायब है!
ना
किसी को ममता, ना किसी को माया
माटी
की दुनिया, माटी की काया!
५०
के कुंवारे है, किस्मत के मारे हैं,
मिल
जाता है, तो खा लेते हैं, नहीं तो रायता फैला देते हैं!
फूंकमार
चूरन... फूंकमार चूरन... फूंकमार चूरन
बेटा जब धमकाता है, उसको
समझाता हूँ, कान में बताता हूँ,
टेक्निकल
हुनर सिखाऊंगा, ऑनलाइन पकौडा तलवाऊंगा!
खाता
खुल गया है, आधार लिंक हो गया है,
डिजिटल
रोटी का डिजाईन बनाया जा रहा है,
चार
रोटी तेरे खाते में, चार रोटी मेरे खाते में! खायेंगे और प्रभु का गुण गायेंगे!
फूंकमार
चूरन... फूंकमार चूरन... फूंकमार चूरन
कोई
कुछ समझता नहीं, ना हाल, ना मेरी बात!
बताइए?
भलाई का ज़माना नहीं, जेब में चार आना नहीं!
जिसको
देखो दुखी है, सारी दुनिया भूखी है!
रोटी,
किसी की डकार है, किसी की पुकार है!
ईमान
से कहता हूँ, चूरन नहीं चीनी है, बीबी से छिनी है!
मजबूरी
का फंदा है, पुश्तैनी धंधा है,
अमीरों
की पालकी, गरीबों का कन्धा है!
फूंकमार
चूरन... फूंकमार चूरन... फूंकमार चूरन... फूंकमार चूरन... फूंकमार चूरन...
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